कुत्ते का राजयोग

कुत्ते का राजयोग

 कुत्ते का राजयोग  में सम सामयिक संदर्भों पर केंद्रित स्तम्भ-लेख हैं , जो समय समय पर हिंदी के अनेक प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं! पं. सुधाकर शर्मा ने तीक्ष्ण व्यंग्य और प्रखर विचार प्रस्तुत करते हुए अपने लेखकीय धर्म का पालन किया है! मूल्यगत विसंगतियों, विद्रूपताओं पर प्रहार करते समय पं. सुधाकर शर्मा की आक्रामकता देखते ही बनती है!